आर्य और उनका प्रारंभिक निवास

आर्य और उनका प्रारंभिक निवास (वैदिक संस्कृति) :- जिसे `सप्त सिंघव' देश कहा गया है, वह भाग भारतवर्ष का उत्तर पश्चिमी भाग था । मान्यताओं के अनुसार यही सृष्टि का आरंभिक स्थल और आर्यों का आदि देश है

मौर्य काल

मगध राज्य की शक्ति महात्मा बुद्ध से पहले ही बहुत बढ़ने लगी थी । पहले मगध राज्य की राजधानी राजगृह थी, लेकिन बाद में पाटलिपुत्र (पटना) मगध साम्राज्य की राजधानी हुई । महात्मा बुद्ध के काल

शुंग काल

शुंग वंश भारत का एक शासकीय वंश था जिसने मौर्य राजवंश के बाद उत्तर भारत में 187 ई.पू. से 75 ई.पू. तक 112 वर्षों तक शासन किया। मौर्य वंश का अंतिम शासक वृहद्रय था ।

शक कुषाण काल

कुषाण भी शकों की ही तरह मध्य एशिया से निकाले जाने पर काबुल-कंधार की ओर यहाँ आ गये थे । उस काल में यहाँ के हिन्दी यूनानियों की शक्ति कम हो गई थी, उन्हें कुषाणों ने सरलता से पराजित कर दिया । उसके बाद उन्होंने काबुल-कंधार पर अपना राज्याधिकार कायम किया ।

गुप्त काल

नाग राजाओं के शासन के बाद गुप्त राजवंश स्थापित हुआ जिसने मगध में देश के एक शक्तिशाली साम्राज्य की स्थापित किया। इस वंश के राजाओं को गुप्त सम्राट के नाम से जाना जाता है। गुप्त राजवंश का प्रथम राजा `श्री गुप्त`हुआ, जिसके नाम पर गुप्त राजवंश का नामकरण हुआ

मध्य काल

गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद लगभग आधी शताब्दी तक उत्तर भारत की राजनैतिक स्थिति अस्थिर रही। छोटे-बड़े राजा अपनी शक्ति बढ़ाने लगे। सम्राट् हर्षवर्धन के शासन में आने तक कोई ऐसी शक्तिशाली केन्द्रीय सत्ता न थी जो छोटे-छोटे राज्यों को सुसंगठित करके शासित करती।

जाट-मराठा काल

मुग़ल सल्तनत के आख़री समय में जो शक्तियाँ उभरी; जिन्होंने ब्रज मंडल के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन जाट और मराठा सरदारों के नाम इतिहास में बहुत मशहूर हैं। जाटों का इतिहास पुराना है। जाट मुख्यतः खेती करने वाली जाति है; लेकिन औरंगज़ेब

स्वतंत्रता संग्राम 1857
मथुरा ज़िले का योगदान

मथुरा 30 मई सन् 1857 ई॰ की गरमियों का दिन था । समय सन्ध्या के चार बजे थे । स्थान था मथुरा का कलक्ट्री-स्थित सरकारी कोषागार । कोषाधिकारी डैशमैंन थे और ज़िला मजिस्ट्रेट और कल

स्वतंत्रता संग्राम 1920-1947
असहयोग आन्दोलन

सितंबर सन् 1920 में कलकत्ता कांग्रेस ने अपने विशेष अधिवेशन में महात्मा गांधी के असहयोग आन्दोलन का सहज स्वागत किया । गांधी जी के आह्रान पर मथुरा ज़िला अपना योगदान देने को प्रस्तुत हो गया |

स्वतंत्रता सेनानी सूची

मथुरा के स्वतंत्रता सेनानी