राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, संविधान और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए बनाई जाएगी, यूपीबीटीवीपी को ब्राज तीर्थ विकास परिषद कहा जाएगा।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सदस्य -

बोर्ड निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनेगा

  • मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, जो कि बोर्ड के अध्यक्ष होंगे।
  • मुख्य सचिव , उत्तर प्रदेश शासन जो कि बोर्ड के उपाध्यक्ष होंगे।
  • प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन,
  • प्रमुख सचिव, वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, पदेन,
  • प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, पदेन
  • प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, पदेन,
  • प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, पदेन,
  • प्रमुख सचिव, वन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, पदेन,
  • प्रमुख सचिव, पर्यवरण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, पदेन,
  • प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, पदेन
  • मण्डलायुक्त, आगरा मण्डल, आगरा, पदेन,
  • जिला मजिस्ट्रेट, मथुरा पदेन,
  • मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, उत्तर प्रदेश, पदेन,
  • बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जो कि सदस्य-सचिव होंगे,
  • उपाध्यक्ष, मथुरा-वृन्दावन विकास, मथुरा पदेन,
  • ब्रज क्षेत्र की विरासत के संरक्षण हेतु प्रयत्नों के सम्बन्ध में ज्ञान, अनुभव, अभिज्ञता और ट्रैक रिकार्ड रखने वाले पाँच विख्यात व्यक्तियों को अध्यक्ष द्वारा उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव/सचिव , संस्कृति और प्रमुख सचिव/सचिव, पर्यटन के परामर्श से नामनिर्दिष्ट किया जायेगा।
  • बोर्ड के अनुमोदनोपरान्त 10 करोड़ रूपये अथवा उससे अधिक दान देने वाले दानदाता नामनिर्दिष्ट सदस्य के रूप में विचार किये जाने हेतु पात्र होंगे।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद शक्तियों में निम्नलिखित शक्तियाँ सम्मिलित हैं -

  • ब्रज विकास योजना और परियोजना के बनाने, प्रवर्तन और कार्यान्वयन से संबंधित प्रतिभागी विभागों से प्रतिवेदन और सूचनाएं माँगना,
  • यथा स्थिति योजना या परियोजना ब्रज संस्कृति और स्थापत्य के अनुरूप बनाने, प्रवर्तन और कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना,
  • योजना के कार्यान्वयन के चरणों को इंगित करना,
  • योजना और परियोजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करना,
  • प्रतिभागी विभागों से प्राप्त विस्तृत परियोजना का चयन और अनुमोदन करना, प्राथमिकता विकास को मंगाना और ऐसी परियोजना के, जैसा बोर्ड उचित समझे , कार्यान्वयन के लिए सहायता देना,
  • सेवाओं और सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिए या उनके अनुरक्षण और विकास के लिए पर्यटकों से फीस या शुल्क उद्ग्रहित करना,
  • सम्पूर्ण ब्रज क्षेत्र में किसी भाग के विकास पुनर्विकास और सौन्दर्यीकरण को बढ़ाने और सुरक्षित करने के उद्देश्य से स्वप्रेरणा से किसी कार्य या परियोजना को लेना,
  • किसी परियोजना की योजना के तैयार और कार्यान्वित करने के लिए कार्यदायी अभिकरण का चयन करना,
  • ऐसे अन्य कृत्य, जिन्हें इस अधिनियम के उपबन्धों को पूरा करने के लिए यह आवश्यक समझे , कौन्सिल को सौंपना

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के निम्नलिखित कृत्य होंगे -

  • ब्रज विकास योजना की तैयारी सुनिश्चित करना,
  • किसी भी प्रतिभागी विभाग द्वारा परियोजना तैयार करने के लिए व्यवस्था करना,
  • किसी एक या अधिक प्रतिभागी विभाग या कार्यदायी अभिकरण के माध्यम से योजना या परियोजना के प्रवर्तन और कार्यान्वयन में समन्वय करना,
  • योजना में इंगित चरणों के अनुसार ब्रज क्षेत्र में परियोजना प्रतिपावन, प्राथमिकताओं का निर्धारित और पर्यटन की अवस्थापना सुविधाओं के विकास को चरणबद्ध करने और ब्रज विरासत के संरक्षण के सम्बन्ध में प्रतिभागी विभागों द्वारा समुचित और सुव्यवस्थित योजना तैयार करना सुनिश्चित करना,
  • अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में व्यवसायिक जागरूकता बढ़ाने और रूचि जागृत करने की दिशा में और इसके सुव्यवस्थित रूप से सुरक्षा उपाय बढ़ाने और प्रसारित करने में सामंजस्य पूर्ण प्रयत्न के लिए प्रस्ताव,
  • नदियों के संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण और नदियों के किनारों जलाशयों के विकास के लिए उपाय किया जाना सुनिश्चित करना,
  • क्षेत्र की स्थापत्य सम्पदा के अनुरूप भवनों और निर्माण में एकरूप बनाये रखने के लिए स्थापत्य संबंधी विनियम बनाना,
  • सरकार विभागों स्थानीय निकायों, मन्दिर प्रबन्ध/ न्यासों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न साझेदारों के मध्य पर्यटन अवस्थापना के एकीकृत विकास और ब्रज क्षेत्र के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने बचाने , संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए कार्यकलापों/परियोजनाओं में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए नीतियाँ बनाना,
  • राज्य निधियों और राजस्व के अन्य संसाधनों जैसे मंदिर न्यासों, दान, गैर सरकारी संगठन, कम्पनी/फर्म और पर्यटकों आदि के माध्यम से ब्रज क्षेत्र में चयनित विकास परियोजनाओं के लिए धन जुटाने की व्यवस्था करना और पर्यवेक्षण करना,